उत्तराखंड विधानसभा सत्र के पांचवें दिन शनिवार को 1,01,175.33 करोड़ रुपये का करमुक्त बजट ध्वनिमत से पारित हो गया। विपक्ष द्वारा पेश किए गए नौ बजट कटौती प्रस्तावों को अस्वीकृत कर दिया गया। इसके साथ ही देर शाम विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
सत्ता पक्ष का मजबूत रुख, विपक्ष के कटौती प्रस्ताव खारिज
शनिवार को सदन की कार्यवाही की शुरुआत होते ही नियम-58 के तहत विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। भोजनावकाश के बाद संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बजट प्रस्ताव पेश किए, जिनमें से नौ मदों पर विपक्ष ने बजट को अपर्याप्त बताते हुए कटौती प्रस्ताव रखे। सत्ता पक्ष के विधायकों ने इन प्रस्तावों का विरोध करते हुए सुझाव भी दिए। अंततः सभी कटौती प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया और बजट ध्वनिमत से पारित हो गया।
1.01 लाख करोड़ के बजट में क्या खास?
उत्तराखंड के इस बजट में 59,854.65 करोड़ रुपये का राजस्व व्यय और 41,220.68 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय शामिल है। यह बजट बिना किसी नए कर के पारित किया गया है, जिससे जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
सबसे लंबा बजट सत्र, नया रिकॉर्ड कायम
इस बार उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 37 घंटे 49 मिनट तक चला। सत्र के दौरान 526 प्रश्न उठाए गए, जिनमें 30 अल्पसूचित और 496 तारांकित-अतारांकित प्रश्न शामिल थे। खास बात यह रही कि शुक्रवार को 11 घंटे 51 मिनट तक लगातार सदन की कार्यवाही चली, जो अब तक का सबसे लंबा विधानसभा सत्र बना।
10 अहम विधेयकों को मिली मंजूरी
बजट सत्र के दौरान 10 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिनमें शामिल हैं:
- उत्तराखंड राज्य विधानसभा (सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन) (संशोधन) विधेयक-2025
- नगर निकायों एवं प्राधिकरणों हेतु विशेष प्रावधान (संशोधन) विधेयक-2025
- उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय विधेयक-2025
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2025
- उत्तराखंड लोक सेवा (कुशल खिलाड़ियों के लिए क्षैतिज आरक्षण) (संशोधन) विधेयक-2025
इन विधेयकों के पारित होने से राज्य में प्रशासनिक व सामाजिक सुधारों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विपक्ष ने उठाए शिक्षा, वन और सड़क के मुद्दे
हालांकि, विपक्ष ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के दौरान शिक्षा, वन और सड़क से जुड़े अहम मुद्दों को सदन में उठाया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार कई महत्वपूर्ण मामलों को नजरअंदाज कर रही है, जबकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
बजट सत्र के समापन के साथ आगे की राह
उत्तराखंड विधानसभा का यह बजट सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। जहां एक ओर सत्ता पक्ष ने बजट को विकासोन्मुखी बताया, वहीं विपक्ष ने इसे अपर्याप्त करार दिया। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस बजट से राज्य के विकास को कितनी गति मिलती है और क्या विपक्ष की चिंताओं का समाधान हो पाता है।
