मोदी सरकार ने 2025-26 के बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। अब सालाना 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले को मध्यम वर्ग के लिए “बड़ी सौगात” बताया है।
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले से मध्यम वर्ग पर वित्तीय बोझ कम होगा, जिससे उनकी डिस्पोजेबल इनकम (खर्च करने योग्य आय) बढ़ेगी। इससे अर्थव्यवस्था में खपत बढ़ेगी, जिससे व्यापार और निवेश को भी लाभ होगा।
बजट की मुख्य बातें:
✅ 1 लाख रुपये मासिक आय तक कोई टैक्स नहीं
✅ वेतनभोगी करदाताओं को 12.75 लाख रुपये तक कर-मुक्त लाभ
✅ कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात को विकास के चार इंजन के रूप में पहचाना गया
✅ प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से 1.7 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे
✅ एमएसएमई को गारंटी के साथ दिए जाने वाले ऋण की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़
✅ शहरों के विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की ‘शहरी चुनौती निधि’
✅ अगले 5 वर्षों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स सरकारी स्कूलों में स्थापित होंगी
✅ बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% की गई
✅ कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोगी 36 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क (BCD) में छूट
सरकार का विजन: आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदम
इस बजट में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बैटरी उत्पादन, जहाज निर्माण और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को टैक्स में छूट देकर प्रोत्साहित किया गया है।
जनता को क्या फायदा?
➡ टैक्स में छूट से लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा
➡ कृषि और MSME सेक्टर को समर्थन, रोजगार के नए अवसर बनेंगे
➡ नई टेक्नोलॉजी और शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश से युवाओं को फायदा
➡ व्यापारियों और निवेशकों को ज्यादा लाभ मिलने की संभावना
क्या कहती है जनता?
बजट को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मध्यम वर्ग के लोगों का कहना है कि “पहली बार सरकार ने हमारी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है”। वहीं, बिजनेस कम्युनिटी को भी इस बजट से काफी उम्मीदें हैं।
इस बजट को मोदी सरकार का “मास्टरस्ट्रोक” माना जा रहा है, जो आर्थिक विकास के साथ-साथ आम जनता की जिंदगी को भी आसान बनाएगा।
