निकाय चुनाव को लेकर शनिवार को नगर निगम सभागार में मेयर और पार्षद पद के उम्मीदवारों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन अधिकारी (आरओ) एपी वाजपेयी ने चुनाव आचार संहिता, चुनावी खर्चे और पोलिंग एजेंट नियुक्ति की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रचार सामग्री के प्रकाशन और सभाओं के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है। मतदान के दिन उम्मीदवार या उनके एजेंट बूथ के अंदर रह सकते हैं, लेकिन अधिक समय तक रुकने की मनाही है।
बैठक के दौरान, उम्मीदवारों ने मतदाता संख्या में वृद्धि को देखते हुए मतदान समय सुबह सात बजे से शुरू करने की मांग की। उनका कहना है कि इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़कर 2,42,487 हो गई है, जिससे मतदान प्रक्रिया में अधिक समय लगेगा। पिछली बार 2018 के चुनाव में भी कई स्थानों पर रात आठ बजे तक मतदान हुआ था।
आरओ ने कहा कि मतदान समय बढ़ाने का निर्णय निर्वाचन आयोग ले सकता है। इसके अलावा, उम्मीदवारों को चुनावी खर्च का हिसाब देने के लिए 11, 16 और 21 जनवरी को नगर निगम में उपस्थित होना अनिवार्य है। खर्च का हिसाब व्यय प्रेक्षक की उपस्थिति में जोड़ा जाएगा, और यदि उम्मीदवार स्वयं नहीं आ सकते तो अभिकर्ता को भेजना होगा।
