काठगोदाम थाना क्षेत्र के कमेटिया नाले में नर कंकाल मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह शव नाले में बहकर आया या किसी ने हत्या कर फेंका, इस रहस्य से पर्दा उठना अभी बाकी है। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है और शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।
महिलाओं ने जंगल में देखा कंकाल
दमुवाडूंगा के वार्ड 36 व 37 के पीछे स्थित घने जंगल से होकर कमेटिया नाला गुजरता है। मंगलवार सुबह कुछ महिलाएं जंगल में लकड़ियां बीनने गई थीं, तभी उन्होंने नर कंकाल की खोपड़ी देखी। जब पास जाकर देखा तो लोअर और टी-शर्ट में लिपटा पूरा कंकाल पत्थरों में अटका हुआ था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
शिनाख्त की कोशिशें नाकाम, DNA जांच होगी
खेड़ा चौकी प्रभारी मनोज कुमार ने मौके पर पहुंचकर कपड़ों के आधार पर पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने आसपास के इलाकों में गुमशुदगी की रिपोर्टों की जांच की, लेकिन कोई मेल नहीं खा सका। काठगोदाम थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट ने बताया कि कंकाल की पहचान के लिए डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
शव बहकर आया या नाले में फेंका गया?
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह कंकाल नाले में बहकर आया या फिर किसी ने हत्या कर फेंका? माना जा रहा है कि यह कई महीनों पुराना है। यह भी संदेह है कि कहीं यह पिछली बरसात में तेज बहाव के साथ तो नहीं आया, क्योंकि उस समय नाला उफान पर था। लेकिन स्थानीय महिलाओं का कहना है कि वे पहले भी यहां आ चुकी हैं और तब उन्हें ऐसा कुछ नहीं दिखा।
नशेड़ियों का अड्डा बना कमेटिया नाला
जहां कंकाल मिला, वह इलाका नशेड़ियों का अड्डा माना जाता है। स्थानीय युवा यहां शराब, चरस और स्मैक का नशा करते हैं। कुछ महीने पहले नशे के विरोध में महिलाओं ने यहां प्रदर्शन भी किया था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद भी यह जगह नशेड़ियों से मुक्त नहीं हो पाई। इस कारण स्थानीय लोगों को संदेह है कि कहीं नशे से जुड़ा कोई विवाद तो इस मौत की वजह नहीं बना।
थानों को भेजी गई गुमशुदगी की रिपोर्ट
कपड़ों और कंकाल के फोटो जिले के सभी थाना और चौकियों को भेजे गए हैं, ताकि किसी गुमशुदा व्यक्ति से इसकी पहचान की जा सके। पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी है और जल्द ही इस रहस्यमयी मामले से पर्दा उठने की उम्मीद है।
