प्रयागराज के महाकुंभ मेला क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण आग लगने की खबर से हड़कंप मच गया। आग ने 200 से अधिक टेंटों को अपनी चपेट में ले लिया। घटनास्थल पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियों ने तेजी से आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
आग की घटना
यह घटना शास्त्री पुल और रेलवे पुल के बीच स्थित गीताप्रेस के शिविर में हुई, जहां अचानक लगी आग ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी। आग के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चला है, लेकिन प्रारंभिक जांच में बिजली के शॉर्ट सर्किट या चिंगारी से आग लगने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासन की तत्परता
आग लगने के बाद प्रशासन ने तत्काल इलाके को सील कर दिया और राहत कार्य शुरू कर दिया। दमकल विभाग की लगभग 20 गाड़ियां आग पर काबू पाने के लिए मौके पर पहुंचीं। कई टेंटों में रखे सिलेंडरों के फटने से स्थिति और गंभीर हो गई थी, लेकिन दमकल कर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
मुख्यमंत्री का दौरा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों से मुलाकात की और घायलों के समुचित इलाज का निर्देश दिया। उन्होंने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के भी आदेश दिए हैं। महाकुंभ में अब तक 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु भाग ले चुके हैं, ऐसे में प्रशासन सुरक्षा को लेकर कोई भी चूक नहीं चाहता।
आग पर काबू
कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। घटना में जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई शिविर जलकर राख हो गए हैं। विवेकानंद शिविर सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने आसपास के अन्य शिविरों को भी खाली करवा लिया था, जिससे कोई भी व्यक्ति आग की चपेट में नहीं आया।
आग लगने के बाद की स्थिति
महाकुंभ क्षेत्र में आग से प्रभावित इलाकों का पुनर्निर्माण तेजी से किया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों ने अग्निशमन के इंतजाम और कड़े कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी 8 या 9 फरवरी को कुंभ में आने की संभावना है, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद किया जा रहा है।
इस घटना से प्रशासन और श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। हालांकि, यह घटना आग से बचाव के इंतजामों को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है।
