उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की निकाय और पंचायत चुनाव आरक्षण नियमावली 2024 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण नियमावली गलत है और इसे दोबारा तय किया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया कि न्यायालय की एकलपीठ ने राज्य सरकार को 48 घंटे के भीतर मामले में शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी, सोमवार को होगी।
मामला क्या है?
राज्य सरकार द्वारा अल्मोड़ा नगर निगम, धारचूला नगर पालिका, गुप्तकाशी नगर पंचायत और उत्तरकाशी नगर पालिका में अध्यक्ष और मेयर पदों के लिए आरक्षण तय किया गया था। इसे चुनौती देते हुए दायर याचिकाओं में कहा गया कि नियमावली बनाने का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है और मौजूदा आरक्षण नियमावली में खामियां हैं।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि इन निकायों का आरक्षण दोबारा तय किया जाए। अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
अगली सुनवाई
अब इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार, 6 जनवरी को होगी। यह देखना होगा कि राज्य सरकार अपने पक्ष में क्या दलीलें पेश करती है और उच्च न्यायालय का अगला कदम क्या होगा।
