कमलुवागांजा हत्याकांड: जिस जमीन के लिए चली थी गोलियां, अब प्रशासन ने किया कब्जा!

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हल्द्वानी के कमलुवागांजा में जिस 18.5 बीघा जमीन के विवाद में अधिवक्ता उमेश नैनवाल की हत्या हुई थी, उस जमीन को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। शनिवार को प्रशासन ने जमीन पर बोर्ड लगाकर अधिकारिक रूप से कब्जा कर लिया।

हत्या के बाद प्रशासन का एक्शन
यह जमीन अधिवक्ता उमेश नैनवाल और उनके चचेरे भाई दिनेश के बीच विवाद का कारण थी। सात अक्तूबर 2024 की रात रामलीला मंचन के दौरान दिनेश ने उमेश नैनवाल को गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दिनेश फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने 8 अक्तूबर को मुखानी स्थित जंगल के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।

जमीन पर विवाद की असली वजह
जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ, वह दोनों भाइयों के चाचा हेमचंद्र नैनवाल की थी, लेकिन इसका कोई वारिस नहीं था। इसी को लेकर दोनों भाइयों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी, जो हत्या तक पहुंच गई।

जमानत नहीं, ट्रायल जारी
हत्या का आरोपी दिनेश पिछले साल से जेल में बंद है और उसने कई बार जमानत के लिए आवेदन किया, लेकिन कोर्ट ने उसे जमानत नहीं दी। अब यह मामला ट्रायल पर पहुंच चुका है और जल्द ही इसमें फैसला आने की संभावना जताई जा रही है।

एसडीएम परितोष वर्मा ने बताया कि प्रशासन ने विवादित जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे भविष्य में इस पर कोई और विवाद न हो।

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