खूनी संघर्ष के बाद गांव में उबाल, सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, पुलिस के पसीने छूटे

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हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र के ग्राम जट बहादरपुर में रविवार रात हुए खूनी संघर्ष के बाद हालात बेकाबू हो गए। फायरिंग में राजन नामक युवक की मौत के बाद सोमवार को भीम आर्मी, ग्रामीणों और परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा कर दिया। मांग थी कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पुलिस के समझाने के बाद शव लेकर गांव पहुंचे लोग, लेकिन वहां फिर विवाद बढ़ गया। शव को गुरु रविदास मंदिर परिसर में रखकर प्रदर्शन किया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।

 

तनातनी के बाद खूनी संघर्ष, मौत से भड़का गुस्सा

गांव के पूर्व प्रधान विकास कुमार और जतिन चौधरी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार रात एक्कड़ रेलवे स्टेशन के पास दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते लाठी-डंडों के साथ गोलियां भी चल गईं। इस दौरान विकास कुमार के समर्थक राजन को गोली लग गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं, जतिन चौधरी घायल हो गया, जिसे मेरठ ले जाया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे रास्ते में रोककर एम्स ऋषिकेश भेज दिया।

 

पोस्टमार्टम के बाद फिर हंगामा, पुलिस ने किया माहौल शांत

सोमवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान भीम आर्मी कार्यकर्ता, ग्रामीण और बसपा से जुड़े लोग बड़ी संख्या में जुटे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर परिजन शव लेकर गांव पहुंचे, लेकिन वहां चौराहे पर शव रखकर फिर प्रदर्शन शुरू हो गया।

 

स्थिति बिगड़ती देख एसपी सिटी पंकज गैरोला, एसपी देहात शेखर सुयाल और पीएसी बल मौके पर पहुंचा। करीब चार घंटे के हंगामे के बाद 36 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया, तब जाकर लोग शांत हुए और शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

 

गांव में सन्नाटा, दुकानें बंद

हत्या के बाद से गांव में भारी तनाव है। रविवार रात से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। सोमवार को हालात और बिगड़ते देख गांव की सभी दुकानें बंद रहीं। आसपास के गांवों से भीड़ जुटने लगी, जिससे गांव की मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने बाहरी वाहनों को दूसरे रास्ते से भेजना शुरू किया।

 

गिरफ्तारी पर बनी सहमति, पुलिस अलर्ट

ग्रामीणों ने शुरुआत में 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग रखी, कुछ लोग 48 घंटे का समय देने को राजी थे। अंततः पुलिस ने 36 घंटे में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ही माहौल शांत हुआ और शव का अंतिम संस्कार कराया गया।

 

फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस की कोशिश है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर हालात को पूरी तरह सामान्य किया जाए।

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