किच्छा कोतवाली क्षेत्र के मल्ली देवरिया में गेहूं के खेत में मृत मिले हरीश की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उसकी पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसका गला घोंटकर हत्या की थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने पत्नी पारूल और उसके प्रेमी ठेकेदार रईस अहमद उर्फ बाबू को गिरफ्तार कर लिया है।
15 मार्च की रात हुआ था हत्याकांड
ग्राम मल्ली देवरिया निवासी हरीश 15 मार्च की रात अचानक लापता हो गया था। दो दिन बाद, 17 मार्च को घर के पास ही गेहूं के खेत में उसका शव बरामद हुआ। इसी दिन मृतक की पत्नी पारूल ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस को दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के स्पष्ट कारण सामने नहीं आए थे, लेकिन जब मृतक के भाई शंकर ने पारूल और रईस अहमद पर हत्या का शक जताते हुए मामला दर्ज कराया, तो पुलिस ने जांच तेज कर दी।
प्रेम-प्रसंग बना हत्या की वजह
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पारूल और रईस ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पारूल ने बताया कि उसका पति हरीश उसके साथ आए दिन मारपीट करता था और उसके अवैध संबंधों में बाधक बन रहा था। इसलिए उसने रईस के साथ मिलकर हरीश को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
15 मार्च की रात रईस अहमद हरीश के घर पहुंचा। उसने हरीश के हाथ-पैर पकड़े और पारूल ने तकिए से उसका मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्याकांड के बाद रईस ने शव को कंधे पर लादकर गेहूं के खेत में फेंक दिया।
शादी के बाद भी जारी था अवैध रिश्ता
पारूल और हरीश ने 2016 में प्रेम विवाह किया था। हालांकि, हरीश के परिवार ने इस शादी को कभी स्वीकार नहीं किया। शादी के दो साल बाद उनके बेटे का जन्म हुआ। इसी बीच, हरीश का परिचय सिरौली कलां निवासी ठेकेदार रईस अहमद उर्फ बाबू से हुआ, जो बाद में पारूल के करीब आ गया।
रईस अक्सर हरीश के घर आने-जाने लगा और पारूल को आर्थिक मदद देने लगा। उसने पारूल को मकान बनवाने के लिए 50,000 रुपये भी दिए थे। धीरे-धीरे हरीश को उनकी नजदीकियों का एहसास होने लगा, जिससे घर में झगड़े बढ़ने लगे।
पहली जनवरी को नैनीताल में मनाया था जश्न
गांव वालों के अनुसार, पारूल और रईस के अवैध संबंधों की चर्चा पहले से थी। दोनों अक्सर एक-दूसरे के साथ घूमने जाते थे। यहां तक कि 31 दिसंबर को भी दोनों ने नैनीताल में नया साल मनाया था और होटल में रुके थे।
पति की मौत पर किया था रोने का नाटक
जब 17 मार्च को हरीश का शव मिला, तो पारूल मौके पर रोने का नाटक करने लगी। हालांकि, उसकी आंखों में आंसू तो थे, लेकिन उनमें पति के बिछड़ने का गम नहीं दिख रहा था। इस पर कई लोगों ने उसी समय शक जताया था।
तकिया और मोबाइल बरामद, दोनों जेल भेजे गए
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तकिया और दोनों अभियुक्तों के मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम ने किया खुलासा
इस हत्याकांड के खुलासे में प्रशिक्षु IPS निशा यादव, इंस्पेक्टर धीरेन्द्र कुमार, एसआई सुरेंद्र रिंगवाल, हेमचंद्र तिवारी, राजेंद्र पंत, जगदीश सिंह, किशोर कुमार, मनोज कुमार, नवीन भट्ट, रेखा आर्या और वीरेंद्र रावत की अहम भूमिका रही।
