उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग समूह-ग) सेवा (सामान्य एवं महिला शाखा) परीक्षा-2024 की आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने अस्वीकार कर दिया है। शासन के निर्देशों और उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेशों के बावजूद आयोग ने निष्पक्षता के आधार पर यह निर्णय लिया।
क्या है पूरा मामला?
श्री महेंद्र सिंह और श्री पंकज असवाल ने आवेदन तिथि विस्तार के लिए न्यायालय की शरण ली थी। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने 07 जनवरी 2025 को आदेश दिया था कि यदि याचिकाकर्ता एक सप्ताह के भीतर अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करें, तो उत्तराखंड सरकार और लोक सेवा आयोग इस पर विचार करें और 10 दिनों के भीतर निर्णय लें।
इसके बाद शासन ने 05 फरवरी 2025 को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को पत्र भेजकर इस विषय पर विचार करने का अनुरोध किया।
आयोग का क्या निर्णय है?
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने इस मुद्दे पर विचार करने के बाद स्पष्ट किया कि महेंद्र सिंह और पंकज असवाल विज्ञापन की अंतिम तिथि तक बी.एड की अनिवार्य शैक्षिक योग्यता पूरी नहीं कर रहे थे। आयोग ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवेदन तिथि को किसी विशेष अभ्यर्थी के लिए बढ़ाना अनुचित बताया और उनके प्रत्यावेदनों को अस्वीकार कर दिया।
पहले भी बढ़ चुकी थी आवेदन तिथि
गौरतलब है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पहले भी 08 नवंबर 2024 से 14 नवंबर 2024 तक आवेदन की तिथि बढ़ाई गई थी।
क्या रहेगा अब आगे?
आयोग के इस निर्णय के बाद अब प्रवक्ता भर्ती परीक्षा-2024 की आवेदन तिथि में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। इससे उन अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जो आवेदन की समयसीमा बढ़ाने की उम्मीद कर रहे थे।
