लालकुआं: रामपुर रोड स्थित स्टोन क्रशरों में ओवरलोड वाहनों की आवाजाही रोकने को लेकर खनन व्यवसायियों और प्रशासन के बीच टकराव गहराता जा रहा है। मंगलवार को ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे गौला खनन मजदूर उत्थान समिति के अध्यक्ष रमेश जोशी और बेरीपड़ाव गौला गेट अध्यक्ष जीवन बोरा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
जैसे ही पुलिस दोनों को कोतवाली लेकर पहुंची, क्षेत्र के अन्य वाहन स्वामियों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में वाहन मालिक हल्द्वानी कोतवाली पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। दबाव बढ़ता देख पुलिस को आखिरकार दोनों पदाधिकारियों को रिहा करना पड़ा।
व्यापारियों ने जताया रोष, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई की मांग
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से नाराज वाहन स्वामियों का कहना था कि ओवरलोडिंग करने वाले ट्रकों पर कार्रवाई करने के बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने जब दोनों पदाधिकारियों पर ₹500 का चालान करने की बात कही, तो खनन व्यवसायियों ने इसे अन्याय करार दिया।
आंदोलन जारी रहेगा, जेल जाने को भी तैयार: रमेश जोशी
रिहाई के बाद समिति अध्यक्ष रमेश जोशी ने साफ कहा कि जब तक स्टोन क्रशर मालिक वाहन स्वामियों को उचित रेट नहीं देंगे, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ओवरलोडिंग पर तत्काल कार्रवाई नहीं करता, तो वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, यहां तक कि जेल भी।
इस विरोध प्रदर्शन में इंदर सिंह बिष्ट, पंकज दानू, मनोज बिष्ट, जीवन कबड्वाल, पप्पू सुनाल, पुष्कर दानू, नवीन जोशी, लक्ष्मी दत्त पांडे, वीरेंद्र दानू, अमित भट्ट, ललित जोशी, हेम दुर्गापाल, राजीव जोशी सहित भारी संख्या में वाहन स्वामी शामिल रहे।
अब क्या होगा?
खनन व्यवसायियों के बढ़ते आक्रोश और प्रशासन की सख्ती के बीच यह मामला और गर्मा सकता है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस टकराव को कैसे सुलझाता है।
