उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले का रहने वाला एक व्यक्ति, जो राशन की दुकान चलाता है और दो बच्चों का पिता है, अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए फर्जी पुलिस वाला बनकर हल्द्वानी आता था। एक साल तक उसने उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहनकर अपनी प्रेमिका से मिलने का नाटक किया, लेकिन सोमवार को मकान मालिक से विवाद के बाद उसकी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
फर्जी वर्दी में रात को आता था मिलने
काठगोदाम के कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी कैलाश चंद्र पांडे ने पुलिस को बताया कि उनके भाई के कहने पर उन्होंने एक महिला को कमरा किराए पर दिया था। महिला से मिलने के लिए संजय कुमार नामक व्यक्ति अक्सर पुलिस की वर्दी पहनकर आता था और खुद को मिर्जापुर थाने का कांस्टेबल बताता था। लेकिन उसके हाव-भाव पर शक होने पर कैलाश ने पुलिस में शिकायत की।
धमकी देकर पकड़ा गया
सोमवार को मकान मालिक से किसी विवाद पर संजय ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इस पर काठगोदाम थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट ने संजय को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि संजय फर्जी वर्दी पहनकर लोगों से वसूली भी करता था। उसके पास से फर्जी पहचान पत्र भी मिला, जिसमें खुद को कांस्टेबल दर्शाया गया था।
पुलिस अधिकारियों के नाम लेकर डराने की कोशिश
थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट ने बताया कि पूछताछ के दौरान संजय ने पुलिस अधिकारियों के नाम लेकर डराने की कोशिश की। उसने कहा कि वह सहारनपुर के एसपी से बात कराएगा और कुमाऊं के कमिश्नर उसके दोस्त हैं। लेकिन जब पुलिस ने उसके प्रशिक्षण और पोस्टिंग की जानकारी मांगी, तो उसकी पोल खुल गई।
राशन की दुकान चलाता है संजय
मिर्जापुर के मायापुर रूपपुर का निवासी संजय कुमार असल में वहां राशन की दुकान चलाता है। पुलिस ने मिर्जापुर थाने से संपर्क कर उसकी असलियत की पुष्टि की। उसके खिलाफ वर्दी के दुरुपयोग और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
फर्जीवाड़े की पूरी कहानी
पिछले एक साल से संजय हल्द्वानी में अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए फर्जी पुलिसवाला बनकर आ रहा था। नकली वर्दी और फर्जी पहचान पत्र के सहारे वह अपनी पहचान छुपाने में कामयाब रहा। अब पुलिस ने उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है, और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
