खौफनाक मंजर: 42 मजदूर बर्फ में दफन, हेलीकॉप्टर भी जाने से लाचार!… देखें वीडियो

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उत्तराखंड के चमोली जिले में माना गांव के पास एक बड़ा हादसा हो गया, जब ग्लेशियर टूटने से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के 57 मजदूर इसकी चपेट में आ गए। अब तक 15 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन 42 मजदूर अभी भी बर्फ में फंसे हुए हैं। प्रशासन और सेना का बचाव दल तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है, लेकिन भारी बर्फबारी और खराब मौसम अभियान में बाधा बन रहे हैं।

बचाव कार्य में आ रही दिक्कतें

बीआरओ के कार्यकारी अभियंता सीआर मीणा ने बताया कि भारी हिमपात और छोटे हिमस्खलनों के कारण बचाव दल को मौके पर पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, भारतीय सेना की आईबीएक्स ब्रिगेड लगातार राहत कार्य में जुटी हुई है और अब तक 10 मजदूरों को निकालकर उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। बचाव अभियान को तेज करने के लिए अतिरिक्त सैनिकों और उपकरणों को घटनास्थल पर भेजा जा रहा है।

 

हेलीकॉप्टर नहीं बुलाए जाएंगे, हेल्पलाइन नंबर जारी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में हेलीकॉप्टरों का उपयोग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बचाव कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि लोग आपदा प्रबंधन टीम से संपर्क कर सकें:

  • मोबाइल नंबर: 8218867005, 9058441404
  • टेलीफोन नंबर: 0135-2664315
  • टोल फ्री नंबर: 10701

पीएम और गृह मंत्रालय की नजर, सेना तैनात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय एजेंसियां पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गृह मंत्रालय ने राज्य प्रशासन को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। भारतीय सेना के गढ़वाल सेक्टर में स्थित मध्य कमान ने भी बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

 

स्थिति गंभीर, सरकार और सेना पूरी मुस्तैदी से जुटी

हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन बचाव दल पूरी ताकत के साथ काम कर रहा है। सेना, बीआरओ, राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम लगातार मजदूरों को सुरक्षित निकालने के प्रयासों में जुटी हैं। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि जल्द से जल्द सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

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