देहरादून। उत्तराखंड में लगातार तीन दिन से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए राज्य सरकार ने तमाम जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। इसी क्रम में नैनीताल, चम्पावत और चमोली जनपदों में 3 सितंबर (बुधवार) को सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।
चम्पावत: अपर जिलाधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चम्पावत जयवर्धन शर्मा ने जानकारी दी कि जनपद अन्तर्गत कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी राजकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों एवं सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन बुधवार को पूर्णतः बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय छात्र-छात्राओं की सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर सम्बन्धित संस्थानों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चमोली: जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के चलते प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि कई मार्ग बाधित हैं, जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने के साथ नदियों-गदेरों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। ऐसे हालात में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए 3 सितंबर को जनपद के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालय (कक्षा 1 से 12 तक) व आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) को आदेश का सख्ती से अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नैनीताल: जिले में भी 3 सितंबर को सभी स्कूल-कॉलेज व आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि लगातार हो रही वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव और ऊपरी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। इस कारण एहतियातन अवकाश घोषित किया गया है।

