मुखानी थाने के पीछे नवंबर में हुए चोरी के एक दिलचस्प मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। इस घटना में वही चोर निकला, जो अप्रैल में ऊंचापुल इलाके के एक मकान में चोरी के दौरान कुछ न मिलने पर शीशे पर लिपस्टिक से लिखकर गया था – “इस घर में सोना नहीं मिला।”
घटना का विवरण
चोरी की यह घटना शिव विहार निवासी दीपेंद्र चंद्र पांडे के घर में हुई थी। दीपेंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, 13 से 15 नवंबर के बीच उनके घर से कंगन, मंगलसूत्र, और अंगूठी गायब हो गए थे, जिनकी कुल कीमत लगभग चार लाख 80 हजार रुपये थी। पुलिस ने पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से चोर की पहचान की, जो कुसुमखेड़ा निवासी राजकुमार राठौर निकला।
पुलिस की कार्रवाई
रविवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने राजकुमार को धर दबोचा। उसके पास से चोरी किए गए जेवरात भी बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि वह इन्हें बेचने की योजना बना रहा था। एसओ विजय मेहता ने बताया कि आरोपी पर पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके पास से चुराए गए कंगन, मंगलसूत्र और अंगूठी बरामद की।
चोर की चतुराई
चोरी के दौरान राजकुमार ने सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए कई चालाकियां अपनाईं। वह कैमरों के सामने झुककर या छिपकर निकलता था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया। पुलिस ने बताया कि उसने एक बार महिलाओं के कपड़े पहनकर भी चोरी की घटना को अंजाम दिया था।
लिपस्टिक से लिखा संदेश
इससे पहले, अप्रैल में ऊंचापुल इलाके में भी राजकुमार ने एक घर में चोरी की थी। वहां कुछ न मिलने पर उसने लिपस्टिक से शीशे पर लिखा था, “इस घर से सोना नहीं मिला है।” पुलिस का मानना है कि उसने यह संदेश इस मकसद से लिखा था कि पकड़े जाने पर उस पर चोरी का आरोप साबित न हो सके।
इस पूरे मामले ने पुलिस की सतर्कता और अपराधियों की चालाकी को सामने लाया है। आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
