मतदाता सूची में नाम गायब, नगर चुनाव में भागीदारी को लेकर मतदाताओं में गुस्सा

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नगर के कई निवासी इस बार नगर निकाय चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, क्योंकि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इनमें पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रेमा सेन समेत कई लोग शामिल हैं, जिनका कहना है कि वे भवन कर देने के बावजूद नगर सरकार चुनने में अपनी भागीदारी नहीं निभा पा रहे हैं।

शनिवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने विवेकानंद वार्ड का दौरा कर मतदाताओं से उनकी समस्याएं जानी। यहां कई लोग आक्रोशित थे क्योंकि उनका नाम मतदाता सूची से गायब था। दीपा रावल, उमा पंत, चंद्र मोहन पंत और प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने बताया कि वे पिछले 30 सालों से यहां रह रहे हैं और पूर्व में नगर निकाय चुनाव में मतदान कर चुके थे, लेकिन इस बार उनका नाम सूची में नहीं था। अन्य लोगों ने भी शिकायत की कि वे नगर निगम को भवन कर समेत अन्य शुल्क दे रहे हैं, फिर भी उन्हें नगर का सदस्य नहीं माना गया।

प्रधानाचार्य एमसी पाठक ने बताया कि उनके परिवार के सात सदस्य मतदाता हैं, लेकिन किसी का भी नाम सूची में नहीं है। भवन स्वामी दीपा रावल ने यह भी बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाली पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रेमा सेन का भी नाम मतदाता सूची में नहीं है।

सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम पिथौरागढ़, राजदेव जायसी ने बताया, “घर-घर जाकर मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए अभियान चलाया गया है। यदि कोई व्यक्ति पिछले छह महीने से नगर में रह रहा है, तो उसका नाम सूची में दर्ज होना चाहिए।”

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