सुशीला तिवारी अस्पताल से उपचार के दौरान फरार हुए आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रोहित कुमार, जो पहले से ही 14 आपराधिक मामलों में नामजद था, को आइटीआई थाना पुलिस ने टांडा तिराहे के पास से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी नशे की लत के चलते इलाज का बहाना बनाकर अस्पताल से फरार हुआ था।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
आइटीआई थाना प्रभारी कुंदन रौतेला के अनुसार, 18 फरवरी को हल्द्वानी कोतवाली से सूचना मिली थी कि रोहित कुमार (निवासी चैती गांव, थाना आइटीआई) सुशीला तिवारी अस्पताल से भाग गया है। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी तलाश शुरू की। गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी खड़कपुर से बाइक पर काशीपुर की ओर जा रहा है। पुलिस ने सत्यम पैलेस के पास उसकी पहचान कर पीछा किया और टांडा तिराहे के पास गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने स्वीकार किया कि नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उसने अस्पताल से फरार होने की योजना बनाई थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की सूचना हल्द्वानी कोतवाली को भेज दी है।
गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह बिष्ट, कांस्टेबल नीरज शुक्ला, अनुज त्यागी, गिरीश विद्यार्थी और एसपीओ अमिताभ सिज्वा शामिल रहे।
सेवानिवृत्त एएनएम के घर लूट करने वाले फरार बदमाश समेत तीन गिरफ्तार
नानकमत्ता। पुलिस ने दिनदहाड़े सेवानिवृत्त एएनएम के घर में लूट करने वाले फरार बदमाश समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस लूट में पहले ही दो आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान पकड़ा जा चुका था।
कैसे हुई थी लूट?
9 फरवरी को तीन हथियारबंद बदमाशों ने नानकमत्ता के वार्ड संख्या 3 में रहने वाली शाहिन (पत्नी- रहीश अहमद) को घर में बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने घर की अलमारी से लाखों की ज्वेलरी और 50,000 रुपये लूट लिए और फरार हो गए थे।
14 फरवरी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों—अली जमा (निवासी मिर्जापुर, शाहजहांपुर) और जुबैर उर्फ बबलू (निवासी फतेहगंज, बरेली)—को गिरफ्तार कर लिया था।
तीसरा बदमाश भी गिरफ्तार
पुलिस लूट में शामिल तीसरे आरोपी गुलजार (निवासी जुलेड़ा, मेरठ) की तलाश कर रही थी। अब उसे भी पकड़ लिया गया है। उसके साथ लूट की रेकी करने वाले दो अन्य आरोपी जोगा सिंह (निवासी सिद्धा नवदिया) और नरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू (निवासी मीना बाजार, बनबसा, चंपावत) को भी गिरफ्तार किया गया।
कैसे हुई लूट की साजिश?
आरोपी जोगा सिंह, रहीश अहमद के परिवार को पहले से जानता था। उसे पता था कि शाम के समय शाहिन घर में अकेली होती है और उसका पति टहलने जाता है। दूध सप्लाई के दौरान उसने पूरी रेकी की और बदमाशों को सूचना देकर वारदात करवाई।
क्या-क्या हुआ बरामद?
गिरफ्तार बदमाशों के पास से लूटे गए कंगन, झुमके, पाजेब, अंगूठी और 30,000 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी लूटी गई संपत्ति की बरामदगी की कोशिश जारी है।
थानाध्यक्ष उमेश कुमार ने बताया कि तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ लूट के इस बड़े मामले का पर्दाफाश हो गया है।
