वरिष्ठ वैज्ञानिक एमपी भट्ट के शोध कार्यों की कृषि मंत्री ने की सराहना संघर्ष से सम्मान तक” पुस्तक का किया लोकार्पण, किसानों की आय बढ़ाने में शोध को बताया उपयोगी

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लखनऊ। फलों को अधिक पौष्टिक, स्वास्थ्यवर्धक और उपयोगी बनाने की दिशा में वरिष्ठ वैज्ञानिक महावीर प्रसाद (एमपी) भट्ट द्वारा किए जा रहे शोध एवं नवाचारों की उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सराहना की। लखनऊ सचिवालय स्थित कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान कृषि मंत्री ने उनके अनुसंधान कार्यों की प्रशंसा करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कृषि मंत्री ने कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से फलों की गुणवत्ता और पोषण क्षमता बढ़ाने के साथ ही किसानों, बागवानों और फल उत्पादकों की आय में भी वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि एमपी भट्ट के शोध एवं नवाचार कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित होंगे।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एमपी भट्ट के जीवन संघर्ष, कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक “संघर्ष से सम्मान तक” का विधिवत लोकार्पण भी किया। उन्होंने पुस्तक को युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए एमपी भट्ट के समर्पण, परिश्रम और वैज्ञानिक सोच की सराहना की। कार्यक्रम में कृषि मंत्री के निजी सचिव रमेश चंद्र भी मौजूद रहे।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
महावीर प्रसाद भट्ट का जन्म 15 नवंबर 1955 को ग्राम भदासु, पुजारगांव, टिहरी गढ़वाल में हुआ। उनके पिता स्व. सत्य प्रसाद भट्ट गांव के प्रतिष्ठित व्यक्तियों में शामिल थे। प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त करने के बाद उन्होंने माध्यमिक शिक्षा पूरी की और आगरा विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद खाद्य विभाग एवं अभियंत्रण से संबंधित प्रशिक्षण हिमाचल प्रदेश में प्राप्त किया और वहीं से अपने कार्यजीवन की शुरुआत की।
वर्ष 1977 में पार्ले एक्सपोर्ट, चंडीगढ़ में सेवाएं देने के दौरान उन्हें बेवरेज एवं पेय पदार्थों से संबंधित शोध कार्य के लिए चुना गया। वर्ष 1980 में उनका विवाह पंजाब यूनिवर्सिटी की टॉपर श्रीमती पुष्पा भट्ट से हुआ। पार्ले एक्सपोर्ट के बाद उन्होंने विभिन्न कंपनियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में लखनऊ स्थित वृंदावन ग्रुप इंडस्ट्रीज में महाप्रबंधक (GM) के रूप में कार्य किया।
इसके पश्चात कोका-कोला कंपनी में सीईओ के पद पर रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्णयों और कार्यों में योगदान दिया। वर्ष 2024 में उन्होंने सयुश न्यूट्रास्टूटिकल कंपनी की स्थापना की, जिसके माध्यम से करीब 30 लोगों को रोजगार भी मिला है।
एमपी भट्ट का वैज्ञानिक सफर कृषि, फल एवं खाद्य क्षेत्र में नवाचार और शोध के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। उनके कार्यों को किसानों और फल उत्पादकों के हित में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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